अध्याय 205

ऐलेन ने मछली के उस टुकड़े को देखा, चेहरा एकदम निर्विकार। “धन्यवाद,” उसने कहा—आवाज़ मुश्किल से फुसफुसाहट भर।

लेकिन जब तक वह अटपटा-सा डिनर खत्म हुआ और नौकर मेज़ समेटने लगे, ऐलेन की प्लेट में रखी मछली ज्यों की त्यों, बिल्कुल अनछुई पड़ी रही।

उसने एक भी कौर नहीं लिया था।

आर्थर की नज़र उस ठुकराए हुए मछ...

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